शब्द निर्माण — उपसर्ग एवं प्रत्यय
हिंदी भाषा में नए शब्दों का निर्माण अनेक विधियों से होता है। इनमें से सबसे प्रमुख विधि है — उपसर्ग और प्रत्यय लगाकर नए शब्द बनाना। गंगा पाठ्यपुस्तक के व्यावहारिक व्याकरण खंड में यह विषय 4 अंक का है (उपसर्ग: 2 अंक, प्रत्यय: 2 अंक)।
शब्द निर्माण क्या है?
किसी मूल शब्द (धातु या शब्द) के आगे या पीछे कोई अंश जोड़कर नया शब्द बनाना शब्द निर्माण कहलाता है। इसमें दो मुख्य अवयव होते हैं:
- उपसर्ग (Prefix): जो अंश मूल शब्द के आगे जुड़ता है।
- प्रत्यय (Suffix): जो अंश मूल शब्द के पीछे जुड़ता है।
उपसर्ग लगने से मूल शब्द का अर्थ बदल जाता है या उसका विपरीत अर्थ बन जाता है, जबकि प्रत्यय लगने से शब्द का रूप और भाव बदलता है।
उपसर्ग (Prefix)
वे शब्दांश जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं। उपसर्ग लगने से मूल शब्द का अर्थ बदल जाता है, परंतु शब्द की भाषिक कोटि (संज्ञा, क्रिया आदि) नहीं बदलती।
प्रमुख उपसर्ग एवं उदाहरण
| उपसर्ग | मूल शब्द | नया शब्द |
|---|---|---|
| अ | न्याय | अन्याय |
| अन | रथ | अनर्थ |
| अभि | मान | अभिमान |
| अव | गति | अवगति |
| आ | गमन | आगमन |
| उप | नाम | उपनाम |
| नि | काम | निकाम |
| निस | भय | निस्भय |
| परा | जय | पराजय |
| प्र | भाव | प्रभाव |
| वि | शेष | विशेष |
| सम | सय | संसय |
| सु | जान | सुजान |
गंगा पाठ्यपुस्तक से उदाहरण
- अनाथ (अन + आथ) — प्रेमचंद की कहानी 'दो बैलों की कथा' में हेमंत और लाला की अनाथ स्थिति।
- अवगत (अव + गत) — 'संवादाधीन' पाठ में सूचना अवगत कराना।
- प्रत्यावर्तन (प्रति + आवर्तन) — 'झाँसी की रानी' में स्वतंत्रता के बाद प्रत्यावर्तन का संकल्प।
- सुंदर (सु + अंदर) — कविताओं में सुंदर वर्णन।
प्रत्यय (Suffix)
वे शब्दांश जो किसी शब्द या धातु के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं, प्रत्यय कहलाते हैं। प्रत्यय लगने से न केवल अर्थ बदलता है बल्कि अक्सर शब्द की भाषिक कोटि भी बदल जाती है — जैसे क्रिया से संज्ञा, या संज्ञा से विशेषण।
प्रमुख प्रत्यय एवं उदाहरण
| प्रत्यय | मूल शब्द/धातु | नया शब्द |
|---|---|---|
| आई | लुट | लुटाई |
| आऊ | बन | बनाऊ |
| इक | वास्तु | वास्तविक |
| ईन | सेवक | सेवकीन |
| ईय | देश | देशीय |
| एर | लुट | लुटेर |
| ओड़ा | लपट | लपटोड़ा |
| कार | शिक्षा | शिक्षाकार |
| नी | चादर | चादरनी |
| पन | बचपन | बचपन |
| बाज़ | लुट | लुटबाज़ |
| वान | गुण | गुणवान |
गंगा पाठ्यपुस्तक से उदाहरण
- आत्मीयता (आत्म + ईय + ता) — 'घर की याद' में आत्मीयता का भाव।
- मानवता (मानव + ता) — 'रैदास के पद' में मानवता का संदेश।
- बचपन (बच + पन) — 'घर की याद' में बचपन की स्मृतियाँ।
- विद्यालय (विद्या + आलय) — 'संवादाधीन' पाठ में विद्यालय का संदर्भ।
उपसर्ग एवं प्रत्यय में अंतर
| आधार | उपसर्ग | प्रत्यय |
|---|---|---|
| स्थान | शब्द के आगे जुड़ता है | शब्द के पीछे जुड़ता है |
| कोटि परिवर्तन | कोटि नहीं बदलती | अक्सर कोटि बदल जाती है |
| उदाहरण | अ + न्याय = अन्याय | गुण + वान = गुणवान |
परीक्षा में महत्व
वार्षिक परीक्षा में इस विषय के लिए 4 अंक निर्धारित हैं:
- उपसर्ग जोड़कर शब्द बनाना — 2 अंक
- प्रत्यय जोड़कर शब्द बनाना — 2 अंक
प्रश्न प्रायः गंगा पाठ्यपुस्तक के किसी अध्याय से लिए गए शब्दों पर आधारित होते हैं, इसलिए अध्यायों को ध्यान से पढ़ें।
विस्तृत अध्ययन सामग्री
विस्तृत व्याख्या, अभ्यास प्रश्न और अधिक के लिए English Chatterbox पर जाएँ।
English Chatterbox पर जाएँ →