गंगा पाठ्यपुस्तक — परिचय
'गंगा' राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा कक्षा 9 हिंदी के लिए जारी की गई नई पाठ्यपुस्तक है। यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढाँचा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप तैयार की गई है। सत्र 2026-27 से यह पुस्तक सभी CBSE विद्यालयों में लागू हो चुकी है।
'गंगा' नाम गंगा नदी से प्रेरित है। जिस प्रकार गंगा नदी भारत भर में निरंतर बहती है और सभ्यता का प्रतीक है, उसी प्रकार हिंदी भाषा भी भारत के बड़े हिस्से में बोली, समझी और पढ़ी जाती है। पुस्तक में कहा गया है — "गंगा नदी की तरह हिंदी भी हमारी सभ्यता और संस्कृति की पहचान है।"
पुस्तक की संरचना
गंगा पाठ्यपुस्तक को दो मुख्य खंडों में विभाजित किया गया है:
| खंड | विवरण | अध्याय संख्या |
|---|---|---|
| गद्य खंड | कहानी, निबंध, साक्षात्कार, यात्रावृत्तांत और एकांकी | 7 अध्याय + 1 अतिरिक्त पठन |
| काव्य खंड | भक्ति, देशभक्ति और भावात्मक कविताएँ | 5 अध्याय + 1 अतिरिक्त पठन |
| भाषा संगम | बहुभाषीय खंड — गुजराती भजन | 1 रचना |
पुरानी बनाम नई पुस्तक
| पहलू | पुरानी पुस्तकें (2025 तक) | गंगा (2026-27 से) |
|---|---|---|
| पुस्तकें | क्षितिज, कृतिका, स्पर्श, संचयन (4 पुस्तकें) | गंगा (एक एकीकृत पुस्तक) |
| ढाँचा | NCF 2005 | NCF-SE 2023 (NEP 2020) |
| व्याकरण | अलग व्याकरण अभ्यास | संदर्भ-आधारित, अध्याय में एकीकृत |
| बहुभाषीयता | सीमित | भाषा संगम खंड जोड़ा गया |
| शिक्षण विधि | रटंत आधारित | अनुभव-आधारित, कौशल-केंद्रित |
| मूल्यांकन | लिखित परीक्षा | 360-डिग्री समग्र मूल्यांकन |
पुस्तक की विशेषताएँ
- एकीकृत पुस्तक: चार पुस्तकों के स्थान पर एक ही पुस्तक
- संदर्भ-आधारित व्याकरण: व्याकरण अलग से नहीं, बल्कि प्रत्येक अध्याय के अंत में
- भाषा संगम: भारत की बहुभाषीय विरासत से परिचय
- लेखक/कवि परिचय: प्रत्येक अध्याय के आरंभ में
- गतिविधि-आधारित शिक्षण: रटने के स्थान पर समझना और व्यक्त करना
- मीडिया एकीकरण: रेडियो, टीवी, फिल्मों और इंटरनेट का संदर्भ
- सामुदायिक संबंध: साक्षात्कार, क्षेत्रीय गतिविधियाँ
गद्य खंड के अध्याय
काव्य खंड के अध्याय
भाषा संगम
विस्तृत अध्ययन सामग्री
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