रीढ़ की हड्डी

लेखक: जगदीशचंद्र माथुर   एकांकी   गद्य 6

पाठ का सारांश

जगदीशचंद्र माथुर का यह एकांकी पारंपरिक विवाह प्रथा और स्त्री शिक्षा के प्रति रूढ़िवादी दृष्टिकोण को चुनौती देता है। नाटक की मुख्य पात्र एक शिक्षित युवती है जो अपनी पढ़ाई और स्वाभिमान को कायम रखते हुए विवाह के बंधन में नहीं बल्कि समानता के साथ रहना चाहती है। उसके ससुर और पति की रूढ़िवादी सोच और उसकी आधुनिक चेतना के बीच जो संघर्ष होता है, वही नाटक का केंद्र है। यह एकांकी स्त्री के सशक्तीकरण और शिक्षा के महत्व का प्रभावी संदेश देता है।

पाठ PDF

PDF डाउनलोड करें ↓

विस्तृत अध्ययन सामग्री

विस्तृत सारांश, NCERT समाधान, शब्दार्थ, अतिरिक्त प्रश्न और अधिक के लिए English Chatterbox पर जाएँ।

English Chatterbox पर जाएँ →