कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'

निबंधकार पत्रकार गद्य 7

जीवन परिचय

कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' का जन्म 4 मई 1906 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में हुआ था। वे हिंदी के प्रसिद्ध निबंधकार, पत्रकार और लेखक थे। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान दिया और कई वर्षों तक प्रभाकर के पत्र नामक लोकप्रिय स्तंभ लिखा। उनके निबंध राष्ट्रीयता, समाज और नागरिक दायित्वों पर गहरी दृष्टि डालते हैं। उनका निधन 15 अक्टूबर 1977 को हुआ।

प्रमुख रचनाएँ

  • निबंध संग्रह: मैं और मेरा देश, प्रभाकर के चार अध्याय, संस्मरण, ये भी हमारे साथी
  • संस्मरण: बापू, गांधी और गांधीवाद

लेखन शैली

प्रभाकर की शैली सहज, व्यावहारिक और विचार-प्रधान है। उनके निबंधों में राष्ट्रभक्ति, नागरिक दायित्व और सामाजिक चेतना का सुंदर संगम है। वे गांधीवादी विचारधारा से प्रभावित थे और उनका लेखन सादगी और सत्य के प्रति निष्ठा को दर्शाता है। उनकी भाषा पाठकों से सीधे संवाद करती है।

साहित्यिक योगदान

कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' ने हिंदी निबंध-साहित्य में राष्ट्रीय चेतना और नागरिक दायित्वों को एक प्रमुख विषय के रूप में स्थापित किया। उनका 'प्रभाकर के पत्र' स्तंभ हिंदी पत्रकारिता का एक मील का पत्थर था।

गंगा पाठ्यपुस्तक में

गंगा पाठ्यपुस्तक के गद्य खंड में प्रभाकर का निबंध 'मैं और मेरा देश' शामिल है। यह निबंध व्यक्ति और राष्ट्र के अंतरसंबंधों पर केंद्रित है।

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विस्तृत अध्ययन सामग्री

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